हजपुरा

मेरी कहानियां ......गाँव में मेरा बचपना छे साल तक बीता...पढ़ाई के लिए ,मुझेपिता जी , लखनऊ शहर ले आये .....मैं आकेला ही आया ,माँगाँव में ही रह गयी ......यह दौर था सन ५१ का ......पिता जी कोस्टेशन के पास रेलवे कालोनी में घर मिल गया था ......दो कमरे थेएक किचन था ,किचन से... [पूरी पोस्ट]
writer भंगार
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[20 May 2010 05:58 AM]

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