प्यार का सार
'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती रश्मि प्रभा जी की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... दस्तकें यादों कीसोने नहीं देतींदरवाज़े का पल्लाशोर करता हैखट खट खट खट...सांकल ही नहींतो हवाएँ नम सी यादों की सिहरन बनअन्दर आ...
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अभिलाषा
रश्मि प्रभा
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[20 May 2010 01:00 AM]



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