“जीवन एक पाठशाला है” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक)
ऐसा कोई शख़्श नही है, आसमान से जो आया हो! ऐसा कोई नक्श नही है, जिसने मन नही भरमाया हो!! जो कुछ भी जिसने सीखा है, दुनिया ने ही सिखलाया है, सजना और सवँरना सबको, दर्पण ने ही बतलाया है, ऐसा कोई अक्स नही है, जिसने नूर नही पाया हो! ऐसा कोई नक्श नही है, जिसने...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
गीत
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[20 May 2010 01:03 AM]



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