अँधेरा है,रोशनी नहीं है
अँधेरे का अपना कोई अस्तित्व नहीं है,बस,रोशनी नहीं है इसलिए अँधेरा है,वरना तो जिधर देखो उधरसवेरा ही सवेरा है।...
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नारदमुनि
कविता
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[19 May 2010 21:53 PM]



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