“वो पुरानी खिड़की”-2

MERE SAPNE MERE APNE अब आगे........कहते हैं कि वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता, और उसके लिए वक्त बदल भी गया। मेरे लिए तो वक्त अभी था पर उसका वक्त भी तो मेरा हो चुका था जो मुझसे मेरी ही चुगली कर रहा था और बता रहा था मुझे कि अब मेरे पास भी वक्त नहीं रह गया है। मेरे वक्त ने तो कसम... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj

कहानी

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[19 May 2010 20:41 PM]

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