मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

स्वार्थ “मैं बाहर हूँ, कॉल करके आता हूँ तुम तब तक अपनी खरीदारी पूरी कर लो“। पत्नी से इतना कहकर नेता जी दुकान से बाहर मॉल के गलियारे में आ गये। नेता जी राजनीति में धर्म के गरमागरम मिश्रण के घालमेल के समय की उपज थे और पिछ्ले दस बरह सालों में उन्होने... [पूरी पोस्ट]
writer swaarth

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[19 May 2010 18:28 PM]

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