कविता सपना
सपनाएक दिन मैंने देखा था ,आसमान में कई रंग मिले थे....लाल गुलाबी पीले आसमानी,इन सब रंगों में से था....लाल रंग बड़ा अभिमानी,अपने को बड़ा दिलदार समझता....बाकी को फुट पात समझता,एक दिन जब बादल ने गरजा....सब रंगों में तब हो गयी लड़ाई,तब नहीं रहा कोई किसी का...
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BAL SAJAG
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[19 May 2010 12:20 PM]



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