बारह लाख लिए शादी में,दुलहिन देखें सन्न हो गये(एक हास्य ग़ज़ल)-----(विनोद कुमार पांडेय)
नोट गिने प्रसन्न हो गयेचीरकुट थे, संपन्न हो गयेबारह लाख लिए शादी मेंदुलहिन देखें सन्न हो गयेमाथा पकड़ लिए पगला करअलग दृश्य उत्पन्न हो गयेदेख तमाशा लड़की वालेलाठी लेकर ठन्न हो गयेताऊ,चाचा,मौसा,मामाभँवरा जैसे भन्न हो गयेउधर बराती अलग मौज मेंखा-पी कर सब...
[पूरी पोस्ट]
विनोद कुमार पांडेय
58
5
0
5
19
[19 May 2010 11:33 AM]



Shuffle








