इश्क सचमुच इक बला है-gazal
हो गई फ़िर से खता हैदिल तुझे जो दे दिया हैइश्क सचमुच इक बला हैखुद मजा है,खुद सजा हैहो गई फ़िर से खता हैदिल तुझे जो दे दिया हैइश्क सचमुच इक बला हैरोग भी खुद,खुद दवा हैगम से बचकर है निकलनाप्यार ही बस रास्ता है आ रही शायद वही हैदिल मेरा जो झूमता हैहै हसीं...
[पूरी पोस्ट]
श्याम सखा 'श्याम'
13
1
0
1
4
[19 May 2010 08:11 AM]



Shuffle








