एक अरसे के बाद मैने कोई प्ले देखा..इस आभासी दुनिया से बाहर निकल कर :ललित शर्मा
पिछली बातों से आगे बढ़ते हैं- तरह तरह की जुगत लगाई जाती है, उसे उसकी कहानी सुनाई जाती है, जेलर साहब समेत पूरा स्टाफ़ पुलिस द्वारा गढी गई कहानी का नाटक करके भी दिखाता है, जिसके आधार पर उसकी सजा मुकर्रर की गई थी। अंत...
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रवीन्द्र प्रभात
नाटक
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[19 May 2010 06:58 AM]



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