कबीर : एक संवाद
विवेक- बालम आओ हमरे गेह रे, तुम बिन दुखिया देह रे!! सब कोउ कहे मोका तुम्हरी नारी, हमके लागे लाज रे o beloved! come to my house, this body pines for you!! everyone addresses me as your wife, I blush --कबीरजीतेंद्र- विवेक यह पद मुझे बहुत पसंद है. मानवीय...
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vivek
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[05 Nov 2009 09:52 AM]



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