गुरु को मारी लात

अन्तर सोहिल = Inner Beautiful नौकर-चाकरों को कोई गौर से देखता है भला। नौकर चाकरों को आदमी भी मानता है? तुम अपने कमरे में बैठे हो, अख़बार पढ रहे हो, नौकर आकर गुजर जाता है, तुम ध्‍यान भी देते हो? नौकर से तुमने कभी नमस्‍कार भी की है? नौकर की गिनती तुम आदमी में थोड़ी  करते हो। नौकर... [पूरी पोस्ट]
writer अन्तर सोहिल

ओशो

views
32
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
12
[19 May 2010 00:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix