संत कबीर के दोहे-परिवार पालने का दावा कर खुद को धोखा देते हैं (parivar palna-hindi sandesh)
कुल करनी के कारनै, हंसा गया बिगोयतब कुल काको लाजि, चारि पांव का होयसंता शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि अपने परिवार की मर्यादा के लिये आदमी ने अपने आपको बिगाड़ लिया वरना वह तो हंस था। उस कुल की मर्यादा का तब क्या होगा जब परमार्थ और सत्संग के बिना जब...
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दीपक भारतदीप
dharm
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[18 May 2010 23:55 PM]



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