shabdon ke akshat
जीवन की तीनबचपन की मेरी महत्वाकांक्षाएंबगुले के पंखों सी उज्जवल ,सुबह की कच्ची धूप सी रुपहलीऔर,मासूम कलि सी कोमल थीजो,सागर सी गहरीआकाश सी अनंतधरा सी धेर्यवानऔर ,पंछी सी नादाँ थीयोवन की मेरी महत्वाकांक्षाएंजो, दोपहर की धूप सी ज्वलंत हेंआकाश सी बिना...
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swati
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[18 May 2010 22:56 PM]



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