अभी और कितनों के मरने का इंतज़ार है जनाब....
इस बार बस की बस उड़ा दी गई और लगभग 50 के आसपास लोग मारे गये। नागरिकों द्वारा समाचारों में साफ-साफ कहा जा रहा है कि यदि बस में पुलिस वाले नहीं बैठे होते तो बस को नक्सलियों ने उड़ाया नहीं होता। नागरिकों का आगे यह भी कहना है कि अब यदि बस में पुलिस वाले...
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डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
आतंकवाद
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[18 May 2010 11:17 AM]



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