ऐसा देश है मेरा
धरती सुनहरी अंबर नीला, हर मौसम रंगीलाऐसा देस है मेरा, हां....... ऐसा देस है मेराबोले पपीहा कोयल गाये, सावन घिर घिर आयेऐसा देस है मेरा.......गेंहू के खेतों में कंघी जो करे हवाएंरंग बिरंगी कितनी चुनरियाँ उड़ उड़ जाएंपनघट पर पनहारन जब गगरी भरने आयेमधुर मधुर...
[पूरी पोस्ट]
विनोद बिश्नोई
we love my india
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[11 Jan 2010 10:16 AM]



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