खबरों की खबर

ऐसा देश है मेरा खबरों की खबर वह रखते हैं, अपनी खबर हमेशा ढंकते हैं,दुनियां भर के दर्द को अपनी, खबर बनाने वाले,अपने वास्ते बेदर्द होते हैं,आंखों पर चश्मा चढ़ाये, कमीज की जेब पर पेन लटकाये, कभी कभी हाथों में माइक थमायेचहूं ओर देखते हैं अपने लिये खबर, स्वयं से होते बेखबर,... [पूरी पोस्ट]
writer विनोद बिश्नोई
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[22 Jan 2010 09:32 AM]

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