कहीं खून पानी तो नहीं बन गया?
सत्याग्रहों की नौटंकी के बीच सत्याग्रह पर अटल हकीकत की इरोमदेशवासी महात्मा गांधी, गौतम बुद्ध और महावीर जैसे अहिंसावादियों की छवि को धूमिल करने को आतुर हैं और वे जाने-अनजाने उन सफेदपोश कुकरमुतों का साथ दे रहे हैं, जो देश को दीमग की तरह खोखला कर रहे हैं।...
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विनोद बिश्नोई
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[15 Feb 2010 12:08 PM]



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