“वो पुरानी खिड़की”
‘वो’ खिड़की, मेरी खिड़की, जो कुछ पुराने जमाने की थी, वहां से सड़क दूर तक दिखती। कोई भी दूर से आता आसानी से खिड़की की सलाखों के बीच से पहचाना जाता। पूरी सड़क दिखा करती थी, हमारा घर या यूं कहें कि ‘उस’ दुमंजले वाली खिड़की सड़क के साथ-साथ थोड़ी सी कर्व में...
[पूरी पोस्ट]
Nitish Raj
कहानी
10
2
0
2
2
[18 May 2010 04:24 AM]



Shuffle








