परदेसी थारी ओल्यु घणी आव , पागल मन न कुण समझाव ईस्ट इंडिया कंपनी जी , आओ नी सा ....पधारो म्हारा और म्हारा पड़ोसिया का देस
परदेसी थारी ओल्यु घणी आव , पागल मन न कुण समझावईस्ट इंडिया कंपनी जी , आओ नी सा ....पधारो म्हारा और म्हारा पाड़ोसिया का देस क्यूंकि म्हाका माजना अस्या ही है ...(क्योंकि हम इसी लायक हैं )जो विष बीज थे बार गया अब फल फूलां से लद गा । आर देखो तो सही थांकी...
[पूरी पोस्ट]
वाणी गीत
व्यंग्य
44
4
0
4
24
[17 May 2010 21:24 PM]



Shuffle








