सुन्दर-प्यारे बस्तर में ये हिंसा भरे नज़ारे कब तक ..?
बस्तर में आज फिर नक्सलियों ने खूनी इतिहास लिखा. ३० से ज्यादा लोग एक धमाके में ही कल-कवलित हो गए. समझ में नहीं आता कि क्रांति की किस किताब में यह लिखा गया है, कि लोगों की जानें लो, तभी इन्कलाब आयेगा. यह बड़ा भ्रम है. जैसे कुछ लोग देवी को प्रसन्न करने के...
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girish pankaj
सवक्तव्य-ग़ज़ल
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[17 May 2010 13:57 PM]



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