कविता पानी को बचाओ नहीं एक दिन हो जायेगा सबका मारन
पानी को बचाओ नहीं एक दिन हो जायेगा सबका मारनकितना पानी शेष बचा हैं,कोई नहीं इसे जनता हैं....भारत में बहुत से वासी हैं,उसमे आधी जनता अभी भी प्यासी हैं.... मानव का जीवन हैं पानी,हम सब बरबाद न करे एक भी पानी.....पानी आओं हम बचाये,व्यर्थ न करे इसको और...
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BAL SAJAG
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[17 May 2010 13:09 PM]



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