नौशाद - शकील की जोड़ी ने हिंदी फिल्म संगीत को जन जन का संगीत बनाया उसका सरलीकरण करके

आवाज़ ओल्ड इस गोल्ड /रिवाइवल # २७ 'ओल्ड इज़ गोल्ड रिवाइवल' में आज प्रस्तुत है शक़ील - नौशाद की एक रचना जिसे फ़िल्म के लिए मोहम्मद रफ़ी ने गाया था। फ़िल्म 'दुलारी' का यह गीत है "सुहानी रात ढल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे"। १९४९ का साल शक़ील-नौशाद के लिए एक सुखद... [पूरी पोस्ट]
writer सजीव सारथी

sujooi chatterjee

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[17 May 2010 09:00 AM]

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