पहाडी सड़क !

अंधड़ ! आड़ी-तिरछी ,टेडी-मेडी,कहीं चिकनी,कहीं कड़क,सुनशानपहाडी सड़क,यों समेटे है खूबसूरतीवह भी शुद्ध सब,दीखने में मगरएकदम खूसट सीगंवार, बेअदब,रास्तों का मंजर औरखुशनुमा पलों का प्राकृतिक सौन्दर्य ,पथिक को भाता है,मगरकोप- इजहार सभी को डराता है!पथिक का मन रखने को,झूठ... [पूरी पोस्ट]
writer पी.सी.गोदियाल

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[17 May 2010 08:49 AM]

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