अपना 'मुहावरा' भूल गए लालू!
अगर यह विडंबना है तो इसे संपूर्णता में स्वीकार करें। संशय तब पैदा होता है जब भावना और नीयत को समझने में भूल हो जाए। तब विस्फोट होता है। पिछले दिनों राजनीति और मीडिया में कुछ ऐसा ही हुआ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी अपने कुछ शब्दों...
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एस.एन. विनोद !
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[17 May 2010 05:40 AM]



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