कैसी अच्छाई? किसकी प्रशंसा?

निशांत का हिंदीज़ेन ब्लॉग सीटा के ईसाई मठ में महंत लूकास ने एक दिन सभी शिष्यों को प्रवचन के समय कहा :- “ईश्वर करे कि तुम सभी भुला दिए जाओ”. “यह आप क्या कह रहे हैं?” – उनमें से एक ने कहा – “क्या इसका अर्थ यह है कि कोई भी हमसे जगत के कल्याण... [पूरी पोस्ट]
writer Nishant

संत-महात्मा

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[16 May 2010 21:30 PM]

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