बाल विवाहों के पूर्ण प्रतिषेध के लिए उन्हें प्रारंभ से ही शून्य और अकृत घोषित किया जाए

तीसरा खंबा  एक और आखा तीज (अक्षय तृतिया) गुजर गई। इस दिन किए गए दान का पुण्य अक्षय होता है, ऐसी मान्यता है और तमाम हिन्दू धार्मिक पीठें, संत, कथावाचक आदि इस बात का खूब प्रचार भी करते हैं। यह भी मान्यता है कि रजस्वला होने के पूर्व ही कन्या (पुत्री) का कन्यादान... [पूरी पोस्ट]
writer दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

अपराध

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[16 May 2010 19:30 PM]

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