कविता -पानी को बचाओ

BAL SAJAG पानी को बचाओकितना पानी शेष बचा है ।कोई नहीं इसे जाँचता है ॥ भारत में बहुत भारत वासी हैं । उसमें आधी जनता अभी भी प्यासी है ॥ मानव का जीवन है पानी । हम सब बर्बाद न करें एक भी पानी॥ आओ हम सब मिलकर कर पानी को बचाएं। व्यर्थ न कर इसको और बढायें ॥इसे बचाएं हम... [पूरी पोस्ट]
writer BAL SAJAG
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[16 May 2010 14:00 PM]

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