धरती माँ को बचाना है :मानस खत्री की कविता
पृथ्वी माता के रूप में, वर्षा-गर्मी और धूप में, हम सबका यही सहारा है. ये पृथ्वी ही घर हमारा है. प्रेम हमे देती ये माता, इसका आँचल हमे है भाता....
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Manas Khatri
कवितासाहित्यFeaturedस्तंभ
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[16 May 2010 13:17 PM]



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