जीवन बस यहीँ अभी

स्वार्थ मन ही मन दुखी तो वह पहले से ही रहता था पर जब से उसने एक सस्ते दामों पर मिल जाने वाली ज्योतिष की एक किताब में पढ़ लिया था कि उस जैसे जातक अपने किये कामों और भूलों के कारण पछताते रहते हैं तब से तो उसने दुख को ही अपने जीवन का ऐसा [...]... [पूरी पोस्ट]
writer swaarth

LifeStoryshort storyhere and now

views
18
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
2
[16 May 2010 11:35 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix