मेरे देशवासियों कुछ महंगाई प़र भी मुख खोलो

bharat hi meri jan कई दिनों से पोस्ट लिख रहा हूँ लेकिन महंगाई प़र नही लिख पा रहा हूँ आज कुदरती बाज़ार गया और समान खरीदा . तब पता लगा महंगाई तो है चीनी , दाले , सब्जी , फल , सब कुछ बढ़ा हुआ था . जितने घर से लेकर निकला सभी खर्च हो गये . तभी सोचा दूध लेता चलू , दूध लिया और दूध... [पूरी पोस्ट]
writer vikas mehta
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[16 May 2010 08:16 AM]

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