मौन

नारी का कविता ब्लॉग मेरे मौन को तुम मत कुरेदो ! यह मौन जिसे मैंने धारण किया है दरअसल मेरा कम औरतुम्हारा ही रक्षा कवच अधिक है !इसे ऐसे ही अछूता रहने दो वरना जिस दिन भी इस अभेद्य कवच को तुम बेधना चाहोगे मेरे मन की प्रत्यंचा से छूटने को आतुर उलाहनों उपालम्भोंआरोपों... [पूरी पोस्ट]
writer Sadhana Vaid
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[16 May 2010 07:05 AM]

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