जमूरे की दुनिया और औरत का संतुलन
विद्वान कहते हैं कि मानव सभ्यता का लगभग समस्त इतिहास और साहित्य पुरूषों ने लिखे, पुरुषों ने रचे, इसलिए औरत का अतीत पुरुष की समझने की हद तक हम तक पहुँच पाया। और इतना ही नहीं पुरुष द्वारा महसूसा स्त्री का सच अपनी सारी विकरालता के साथ नहीं संग्रहित हो पाया,...
[पूरी पोस्ट]
नियंत्रक । Admin
shashi sehgal
13
0
0
0
10
[16 May 2010 06:09 AM]



Shuffle








