एक सिरफिरे बूढ़े का बयान
हरीशचन्द्र पाण्डे की कविताओं पर एक पोस्ट दो एक साल पहले कबाड़ख़ाने पर लगाई गई थी. 'एक बुरूँश कहीं खिलता है' और 'भूमिकाएं ख़त्म नहीं होतीं' उनके दो कविता संग्रहों के नाम हैं. प्रसिद्धि और साहित्य की उठापटक से दूर रहने वाले हरीशचन्द्र पाण्डे जी लगातार...
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Ashok Pande
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[16 May 2010 05:45 AM]



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