मैत्री पर एक टीप और विवाद जो नहीं था

समकाल वह कोई विवाद नहीं था. दो मित्रों पर सखा-भाव से की गईं टिप्पणियां थीं . वह भी उनके गुणों को पर्याप्त मान देते हुए. टिप्पणियां भी उन मित्रों पर जो न केवल पिछले कई वर्षों से ब्लॉग पर एक-दूसरे के लिखे को समुचित मान-सम्मान देते रहे वरन... [पूरी पोस्ट]
writer chaupatswami
views
37
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
10
[16 May 2010 02:15 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix