जाने क्या वो लिख चले.....................(बवाल)
जाने क्या वो लिख चले और, जाने क्या ये पढ़ चले ...?हम-क़लम के हर्फ़े-आख़िर, दिल में पुरदम गड़ चले............--- बवालहम-क़लम = एक जैसा और एक साथ लिखने वाले, मित्र (...., ....., .....)हर्फ़े-आख़िर = अटल और अंतिम निर्णय, शब्द या बात...
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[16 May 2010 03:51 AM]



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