दिल पे मत लो.......बस..मज़ा लो इस नये ज़माने की नयी बातों का
ज़माना बदल गया है भाई............पहले बाप के बाप को बाबा कहते थे,आजकल बेटे के बेटे को बाबा कहते हैंपहले जीम के ( खा के ) सेहत बनाते थेआजकल जिम में ( जा के ) सेहत बनाते हैंबदलाव के इस दौर मेंसंस्कृत के एक श्लोक का नया अर्थ देखिये.......सर्वे भवन्तु सुखिनः...
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[16 May 2010 03:42 AM]



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