परशुराम-स्तुति
अक्षय तृतीया पर विशेष प्रस्तुती [१]नयन करुणा समम दृष्टि सौम्यता मुख प्रेम वृष्टि ब्रह्म तेजस निःसृती इव ....................... गंधित कमले [यययी..ययी]....................... परशुराम नमे [यययी..ययी]....................... परशुराम नमे...
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PRATUL
प्रजातंत्र
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[16 May 2010 03:32 AM]



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