मनु स्मृति-दिल में बैठे देवता की अनदेखी न करें (dil ka devata-hindu dharma sandesh)
साक्ष्येऽनृतं वदन्याशैर्बध्यते वारुणैर्भृशम्।विवशः शमाजातीस्तरस्मात्साक्ष्यं वदेदृतम्।।हिन्दी में भावार्थ-झूठी गवाही देने वाले मनुष्य, वरुण देवता के पाशों से बंधकर सैंकड़ों वर्षों तक जलोदर बीमारियों से ग्रसित जीवन गुजारता है। अतः हमेशा किसी के पक्ष में...
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दीपक भारतदीप
हिन्दू-धर्म
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[16 May 2010 01:19 AM]



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