मुस्कान भी अब मेरी थकने लगी है......

अनामिका...... मुस्कान भी अब मेरीथकने लगी हैमजबूरियाँ जो इतनीनिष्ठुर हो चली हैं ..अथक प्रयास कर के भी,कोई उम्मीद जगती नही है..कि तिनका-तिनका होचाहते बिखर सी गई हैं ..!!मुस्कान भी अब मेरीमुझ पर ही हसने लगी है ..!!श्वासों की लय, जोडर डर के चलती है..कि जाने कौन से पल... [पूरी पोस्ट]
writer अनामिका की सदाये......
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[16 May 2010 01:11 AM]

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