राग यमन को सुनते हुए
यह बंदिश राग यमन को सुनते हुए रची गई:जागो जागो देश महादेवकैसा ये ध्यान बन्द आँखजपते जो उद्दाम कामकामारि तुम भूले उदात्त भावखोलो त्रिनेत्र नंग भस्म, अनंगजागो जागो देश महादेव।जटाजूट सँभारो अधोमुख गंगापतित न हो पावनी ज्ञानगंगासँभारो हे देश तुम शंकरशमन करो...
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गिरिजेश राव
यमन
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[16 May 2010 00:53 AM]



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