किस तरह फैला हुआ है कारोबार-ए-इंतज़ार : हसरत मोहानी
किसी ने एक शेर याद दिलाया पिछले दिनों ...."उन के ख़त की आरज़ू है उन के आमद का ख़यालकिस तरह फैला हुआ है कारोबार-ए-इंतज़ार"बेहतरीन शेर है और बेहतरीन ग़ज़ल हसरत मोहानी की .....मौलाना हसरत मोहानी का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में १८७५ में हुआ. असल नाम था...
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अमिताभ मीत
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[16 May 2010 00:18 AM]



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