जोखू सिंह उपध्याय का प्रेम पत्र (व्यंग्य, कार्टून)
सुश्री सुषमा रानी झिंझोटिया जी, पालागी, आशा है कि आप सपरिवार राजी खुशी होंगी । हम भी सपरिवार स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं । आगे समाचार यह है कि कल मैं आपकी गली से साढ़े सात बार गुजरा । आठवां चक्कर इस लिये नहीं हो पाया क्योंकि आपके आदरणीय भाई साहब की नजर मुझ...
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K M Mishra
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[15 May 2010 23:47 PM]



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