हिन्दी ब्लॉगरों ऐसा काम मत करो, मत बनो मियां फन्ने खांखां
रसोई में नहीं लगा होता है साइलेंसरबरतनों की आवाज तो आती ही हैहिन्दी ब्लॉग जगत भी बिना साइलेंसरयहां करते हैं शब्द अटैकशब्द की ताकत का बेजां दुष्प्रयोगसब तरफ आवाजें गूंज रही हैंबात कोई न होकोशिश की जाती है सब मेरी तरफ ही देखेंमैं बहुत महान हूंजो मैं...
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अविनाश वाचस्पति
कविता
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[15 May 2010 22:06 PM]



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