पौधकुमार का हैप्पी बरडे कब मनेगा?
एक बार रात में पौधकुमार की शोरगुल से नींद खुल गयी तो उन्होंने देखा कि सामने वाले फ्लैट्स नामी पेड़ की एक डाल पर चमाचम लाइटें जल रहीं थीं और बहुत सारे बच्चे वहाँ गाने-बजाने पर उछल-कूद कर रहे थे. पौधकुमार ने बराबर में खड़े शमी वृक्ष से पूछा — शमी चाचा, ये...
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प्रतुल कहानीवाला
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[15 May 2010 15:17 PM]



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