सुण बै ढपोरशंख.....

योगेंद्र मौदगिल ब्लाग एक सार्वजनिक अभिव्यक्ति का माध्यम है लेकिन कईं बार ऐसा लगता है कि लोग इसे बपौति मान रहे हैं अपनी समझ से बाहर है मामला मगर कुछेक टिप्पणियों के पढ़ने के बाद एक ताज़ा छंद आप सब की नज़्र करता हूं किसुण बै ढपोरशंख तू तो बेटे बावला हैएक बात बार-बार-बार... [पूरी पोस्ट]
writer योगेन्द्र मौदगिल

twarit

views
147
upvote
8
downvote
0
rating
8
comments
25
[15 May 2010 12:02 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix