आदरणीय श्री भैरों सिंह जी को अश्रुपूरित श्रधांजलि

ज्ञान दर्पण शेखा-कुल रा लाडला,धाकड़ धुनी सुजान |उजला सूरज-कुल-रतन,भैरूं सिंघ मतिमान ||१मरुधर-माटी री महक,जन-मन का सरदार |दीन-हीन-रक्षक सुधी,थे भारत-गल-हार ||२भोग्यो जीवन गांव रो,देख्या घणा अभाव |पण सांचा अनथक पथिक,राख्यो कर्मठ भाव ||३राष्ट्र धरम ने पालियो,जस फैल्यो... [पूरी पोस्ट]
writer Ratan Singh Shekhawat

pratikriya

views
11
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
11
[15 May 2010 10:17 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix