उँगलियों और किबोर्ड
थकी हुई आँखों में भरी हुई है नीदपर कंप्यूटर के किबोर्डपर थिरकती उँगलियाँअभी भी बांधे हुए है उम्मीदकी शायद यहाँ से भेजे हुए इमेल्सवहां तक पहुँचकरकुछ करामात दिखायेंगेकहीं किस्मत, तो कहीं दिल केदरवाज़े खटखटाएंगेऔर फिर शायद भर जायेकिसी दिल का खाली कोनाया बदल...
[पूरी पोस्ट]
ranjana
21
4
0
4
7
[15 May 2010 04:20 AM]



Shuffle








