धूल हवाओं में शामिल है

युग-विमर्श  (YUG -VIMARSH)   یگ ومرش धूल हवाओं में शामिल है।गर्द है ऐसी जान ख़जिल है॥सूरज की शह पाकर मौसम, दहशतगर्दी पर माइल है॥दरिया में है शोर-अंगेज़ी, सन्नटा ओढे साहिल है॥चाँद समन्दर में उतरा है, शर्म से पानी-पानी दिल है॥क़त्ले-आम तो होना ही है, तख़्त-नशीं जब ख़ुद क़ातिल है॥खो गया सब कुछ... [पूरी पोस्ट]
writer युग-विमर्श
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[15 May 2010 01:31 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix