एक-दूसरे पर आक्षेप करना ही क्या ब्लॉगिंग है ?
कितने अफ़सोस की बात है कि हर कुछ दिन पर एक हंगामा होना ब्लॉग जगत का एक नियम सा बन गया है ।हर बार हंगामा पिछले हंगामे से ज्यादा बड़ा होता है।कभी महिला ब्लॉगर तो कभी उनके द्वारा लिखे गए लेखों को लेकर हंगामा हो जाता है। और कल तो हद ही हो गयी। कल हमने कई दिन...
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mamta
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[14 May 2010 22:43 PM]



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